इंसाफ से मुल्क मजबूत होता है लोगों का विश्वास बढ़ता है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

31 अक्टूबर /नई दिल्ली,
मलियाना कांड में आरोपी पी.ए. सी. के 16 जवानों को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सज़ा दिये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि ” इंसाफ से मुल्क मज़बूत होता है,लोगों का विश्वास बढ़ता है ” उन्होंने कहा देर से सही लेकिन इंसाफ मिला है हमें मुल्क की अदालत पर पूरा भरोसा है।
हज़रत ने कहा कि लोकतंत्र में अगर इंसाफ से विश्वास उठ जाए तो कुछ शेष नहीं बचता। दोषियों को उनके अपराध का दण्ड मिलना ही चाहिए इसके लिए धर्म, ज़ात,पद का कोई भेद नहीं किया जा सकता, अपराधी को मात्र अपराधी के रूप में ही देखा जाना चाहिए ।
कानून तोड़ने वाला, उसका मज़ाक बनाने वाला कोई भी हो उसको सज़ा ज़रूर मिलनी चाहिए, मलियाना में जिस तरह निर्दोषों को मारा गया उनके परिवार वालों के लिए आज कुछ राहत का दिन है जिन्होंने अपने घर के नौजवान खोए वह उस दिन को तो नहीं भूल सकते लेकिन उन्होंने न्याय के लिए जो निरंतर प्रयास किया आज उसकी जीत हुई और अपराधियों को न्यायालय ने सज़ा दी है यह ऐसे समय में जब देशवासियों का एक एक करके देश की मुख्य संस्थाओं से विश्वास डगमगाया है न्यायपालिका में विश्वास को बढ़ाने वाला फैसला है।
उन्होंने कहा कि बिना इंसाफ के अमन को कायम नहीं किया जा सकता, नाइंसाफी ही अशांति का कारण होती है, इसलिए सभी को समान और समय पर न्याय प्रदान करना आवश्यक है। देश के संविधान और न्यायालय पर हमारा पूरा विश्वास है।
By: यूनुस मोहानी

मस्जिद मन्दिर का फैसला अदालत करेगी आप अपने भविष्य का फैसला कीजिए : सय्यद मोहम्मद अशरफ

29/अक्टूबर,नई दिल्ली
बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कब होगी इसका फैसला अब जनवरी में होगा इस पर बात करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने साफ कहा कि ,”मस्जिद – मन्दिर का फैसला अदालत करेगी,आप अपने भविष्य का फैसला कीजिए” उन्होंने कहा कि अगर हमारे बच्चे अनपढ़ रहे ,हमारे नवजवान बेरोजगार रहे और लोगों को सही इलाज नहीं मिला तो यह बात  आप खुद सोचिए आपकी ज़िन्दगी कैसे होगी देश के हर नागरिक को इस दिशा में सोचना चाहिए।
देश में जिस तरह की बहस चल रही है उससे सिर्फ नुकसान के कुछ हासिल नहीं होगा लोग अपना भला बुरा नहीं सोच पा रहे हैं और वही सोचने और समझने पर मजबूर हैं जो उन्हें साजिश के तौर पर समझाया और दिखाया जा रहा है ,न तो यह खुद उनके हित में है और न ही हमारे मुल्क के।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को समझना चाहिए कि मुद्दा क्या है? जबकि आज हालात ऐसे हैं कि हम खुद में उलझे हुए हैं सही गलत का फैसला नहीं कर पा रहे हैं और कहीं न कहीं गलत लोगों के फेंके जाल में फस कर उनके ही एजेंडे को बढ़ाते हुए नजर आते हैं आपको समझना चाहिए कि हम कहां खड़े हैं और इस हालत को हम कैसे बदलेंगे इस पर सोचना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि हमारे पास रसूले अकरम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की तालीम मौजूद है हालात को कैसे हमवार बनाया जाता है उसके लिए हयाते तय्यबा के हर पहलू पर हमें न सिर्फ गौर करना है बल्कि उसपर अमल भी करना है किस तरह मुश्किल हालात में हक कहा जाता है उसके लिए करबला मौजूद है जो सबक है हमारे लिए और औलिया अल्लाह किस तरह मोहब्बत के पैगाम को नफरत के तूफान के बीच सुनाते हैं और हवा बदल देते हैं हमें इस पर गौर और फिक्र करनी होगी।
मस्जिद को सजदो से सजाइए ,अपने बच्चो को पढ़ाइए,अफवाहों से दूर रहिए और एक अच्छे शहरी की सारी ज़िम्मेदारी निभाइए यही आपका भविष्य तय करेंगे यही मुसलमान की पहचान है कि वह अल्लाह और उसके रसूल के हुक्म पर अमल करे अपने वतन से मोहब्बत करे और लोगों के लिए फायदा पहुंचाने वाला हो बिना मजहब का  और ज़ात पात का फर्क किये।
हज़रत ने इंडोनेशिया में हुई विमान दुर्घटना पर गहरा दुख जताया उन्होंने कहा कि हम दुआ करते हैं कि सभी लोग सलामत बचा लिए जाएं और कोई जान का नुक़सान न हो हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिनके घर के लोग इस हवाई जहाज़ में सवार थे अल्लाह उनको अपने हबीब के सदके इस मुसीबत के वक़्त में हिम्मत और सब्र अता फरमाए।
By: यूनुस मोहानी

ज़ुल्म किसी भी तरह का हो, हुसैनियत उसका इलाज : सय्यद मोहम्मद अशरफ

28/अक्टूबर, कोलकाता
ज़ुल्म किसी भी तरह का हो हुसैनियत ही  उसका इलाज है ” आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष  एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने ,न सिर्फ देश  बल्कि पूरे संसार में हो रहे ज़ुल्म पर हसनैन करीमैन कांफ्रेंस में बोलते हुए कही।
उन्होंने कहा हुसैनियत नाम है ज़ुल्म के खिलाफ खड़े होने का, ज़ुल्म के खिलाफ खामोश रहना भी ज़ुल्म है क्योंकि ऐसा करके आप ज़ालिम की मदद करते हैं अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम फरमाते हैं कि मजलूम की मदद करो और ज़ालिम की भी ,ज़ालिम की मदद यह है कि उसे ज़ुल्म से रोका जाये।
अगर ज़ुल्म देखकर आप खामोश रहते हैं तो आप ज़ालिम को और ज़ालिम बनाते हैं । हज़रत ने कहा कि हसनैन करिमैन की ज़िंदगी से हमें सबक़ लेना है ।एक तरफ इमाम हसन मुज्तबा हैं कि आप अमन को क़ायम रखने के लिए क़ुर्बानी पेश करते दिखाई देते हैं तो दूसरी जानिब इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम हैं जो ज़ुल्म के खिलाफ अपना सब कुछ निछावर करते दिखाई दे रहे हैं लेकिन मक़सद दोनों ही तरफ बढ़ते हुए ज़ुल्म को रोकना है ।
ज़ुल्म का इलाज आले मोहम्मद से सीखना होगा क्योंकि इसके सिवा और कोई दर नहीं जहां से इसे प्रैक्टिकल तौर पर समझा जा सके। दुनिया में ज़ुल्म बढ़ता ही जा रहा है, लोगों को अफवाहों के ज़ए बहकाया जा रहा है, सच को दबाने के लिए झूठ को बार बार  चीख कर बोला जा रहा है और लोग आखिर में उसे ही सच समझ कर नफरत की आग में झुलसने को मजबूर हैं। हज़रत ने कहा कि अब हमें अफवाहों को रोकना होगा, हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि सच को जाना जाए और बिना सच जाने कोई भी राय न बनाई जाए।
हज़रत किछौछवी ने कहा कि सियासी बेदारी भी जरूरी है, अपने हक़  को समझें, वोट की ताक़त को समझें और समझदारी के साथ फैसले करें क्योंकि नफरत अपना काम कर रही है और लोगों को अपने असर में ले रही है, आपको मोहब्बत के पानी का छिड़काव इस आग पर करना है, क्योंकि इस्लाम का पैगाम जो हम तक गरीब नवाज़ ने पहुंचाया कि “मोहब्बत सबके लिए, नफरत किसी से नहीं, ” हमें इस पर अमल करना है और यही हुसैनियत है, हमें इसपर अमल करना है।
By: यूनुस मोहानी

दिल्ली में मदरसा छात्र की हत्या बेखौफ गुंडाराज की मिसाल : सय्यद मोहम्मद अशरफ

26 अक्टूबर / नई दिल्ली ,

दिल्ली के मदरसे में पढ़ने वाले 8 साल के छोटे से बच्चे को जिस तरह क़त्ल किया गया वह मुल्क की राजधानी में बेखौफ गुंडाराज की घिनौनी मिसाल है यह बात आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष और वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कही।
उन्होंने कहा कि यह मुल्क भर में नफरत के बढ़ते प्रदूषण का असर है हवाओं में ज़हर घोल दिया गया है , मुट्ठी भर लोग पूरे देश को इस आग में झोंक देने की फिराक में है। हज़रत ने कहा कि मालवीय नगर के मदरसे के बच्चे को जिस तरह मार दिया गया वह कानून व्यवस्था के मुंह पर गुंडों का तमाचा है ।
देश में जानलेवा नफरत का वायरस फैल गया है सबको इसे रोकने के लिए काम करना होगा मजहबी पहचान के आधार पर जो जहरीला खेल चल रहा है वह भारत के हित में नहीं है।हज़रत ने मांग की है कि बच्चे के कातिलों को सख्त से सख्त सज़ा दी जाए क्योंकि माब लिंचिंग अब बच्चों के क़त्ल तक पहुंच गई है।
सभी को मिलजुल कर इसका मुकाबला करना चाहिए नफरत को हरगिज़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह जो तमाशा चल रहा है यह देशहित में नहीं है इसे सरकार तत्काल सख्ती से रोके और बच्चे के परिवार को मुआवजा दिया जाए।हज़रत ने यह भी पूछा कि राजनेता इस वक़्त कहां है कोई नजर क्यों नहीं आता ।

By: Yunus Mohani