देश को नए अफसर नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

28 अप्रैल /लखनऊ

मुल्क को नए अफसर नयी ऊँचाइयों पर ले जायेंगे, यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम और आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सिविल सर्विसेज़ में कामयाब होने वाले प्रतिभागियों को मुबारकबाद देते हुए कही उन्होंने कहा उम्मीद है यह नये अफसर देश से भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए नयी जंग छेड़ेंगे .
उन्होंने कहा कि लोगों को इन बच्चों से प्रेरणा लेनी चाहिए जिन्होंने मुश्किल हालात में भी अपने लक्ष्य को भेदा है और साथ ही मुबारकबाद के पात्र हैं वह लोग जिन्होंने इनकी मदद की है .हज़रत ने कहा कि मुसलमानों में भी बेदारी आई है और 51 बच्चों का सलेक्शन हुआ है जो ख़ुशी की बात है,उन्होंने कहा कि मेहनत रंग ज़रूर लाती है.
हज़रत ने कहा कि इस सिलसिले को तेज़ी से आगे बढाया जाना चाहिए और मुस्लिम नौजवानों के लिए मदरसों में भी सिविल सर्विसेज़ कोचिंग का निजाम होना चाहिए ताकि ज़कात और इमदाद का सही इस्तेमाल करते हुए समाज में ऐसे अफराद तैयार किये जाएँ जो मुल्क और मिल्लत दोनों की तरक्की में अपना योगदान दें .
उन्होंने सभी प्रतिभागियों के बेहतर जीवन की कामना करते हुए कहा कि देश को इन प्रतिभाओं का पूरा फायदा तब मिलेगा जब यह सब ईमानदारी से अपने कामों को अंजाम देंगे और हम ऎसी उम्मीद करते हैं अपनी युवा पीढ़ी से.

By: यूनुस मोहानी

कुशीनगर में हुआ दर्दनाक हादसा लापरवाही का नतीजा: सय्यद मोहम्मद अशरफ

26/ अप्रैल ,लखनऊ

“कुशीनगर में हुआ हादसा लापरवाही का नतीजा है” यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम और आल इन्डिया उलमा व माशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ ने कही उन्होंने कहा कि बहुत ही अफसोसनाक हादसा है जिसमें 13 नौनिहाल काल के गाल में समा गए ।
हज़रत ने कहा कि इस शदीद गम की घड़ी में हम सब उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने जिगर के टुकड़ों को खोया है हम परवरदिगार से दुआ करते हैं कि घरवालों को सब्र अता करे।उन्होंने कहा कुशीनगर में हुआ यह हादसा खुली लापरवाही का नतीजा है जहां एक तरफ रेलवे ने अपना काम ज़िम्मेदारी से नहीं किया और आज भी हजारों रेलवे क्रॉसिंग बिना फाटक के है और बजट के दौरान ऐलान किया गया था कि जल्द ही लगभग सारी क्रॉसिंग पर फाटक लगाए जाएंगे लेकिन अभी तक वह नहीं किया जा सका जो खुली लापरवाही है अगर फाटक मौजूद होता तो हादसे को टाला जा सकता था।
उन्होंने कहा कि स्कूल वैन चला रहा ड्राइवर जैसा सुनने में आया है की वैन चलाते समय इयरफोन का इस्तेमाल कर रहा था जिसकी वजह से उसे ट्रेन आने की आवाज़ सुनाई नहीं दी और कई घरों के चिराग बुझ गए ।राज्य सरकार को भी स्कूलों पर सख्ती कर इस तरह के ड्राइवर को रख कर नवनिहालो की कीमती ज़िंदगियों को खतरे में डालने से सख्ती से रोकना चाहिए।

 

By: यूनुस मोहानी