नबी ने बताया पाकी आधा ईमान ,यही है स्वच्छता अभियान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

सम्भल/ 22 फरवरी
नबी ने बताया पाकी आधा ईमान , यही है स्वच्छता अभियान ” यह बात आल इन्डिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सम्भल में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि नबी सारे आलम के लिए रहमत हैं और पैग़म्बरे अमन ने पाकी को आधा ईमान कहा, यहां पाकी का सम्बन्ध सिर्फ जिस्म की पाकी से नहीं है बल्कि रूह की पाकी से है, हमें सिर्फ अपना जिस्म पाक नहीं रखना है, अपना घर, अपनी गली, अपना मोहल्ला, अपना शहर, अपना मुल्क सब पाक और साफ रखना है, क्योंकि पाकी आधा ईमान है, तो हर आशिके रसूल अगर यह ज़िम्मेदारी उठा लेगा तो हर जगह सफाई नज़र आएगी।
नबी- ए- रहमत ने आज से लगभग 1400 साल पहले हमें स्वछछता अभियान में लगा दिया जो इतना बड़ा है जिसमें सिर्फ बाहर की गन्दगी साफ नहीं होती है बल्कि अंदर की गन्दगी भी साफ हो जाती है, सिर्फ नजर आने वाली नहीं बल्कि जो आत्मा पर,दिल पर धूल और मैल जमा है उसे भी साफ करने की बात कही गई।
हज़रत ने कहा हमें अपने नबी की हर बात को मानना फ़र्ज़ है अगर हम खुद को उनका उम्मती कहते हैं तो अमल से भी हमें दिखाना होगा ।
हज़रत किछौछवी ने कहा कि इस पैगाम को मुल्क की सतह पर नहीं बल्कि इमान की सतह पर देखा जाना चाहिए।
हज़रत ने कहा, स्वच्छता अभियान का मतलब सिर्फ कूड़ा साफ करना नहीं है याद रखिए अगर नफरत जैसी गन्दगी दिलों से साफ नहीं की गई तो किसी तरह की सफाई का कोई मतलब नहीं है और नबी ने मोहब्बत से नफरत को साफ करने का अमल हमें सिखाया है यही बात गरीब नवाज़ ने लोगो तक पहुंचाई “मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं “यही मकसद है स्वच्छता अभियान का अगर नफरत पनपती रही तो नुक़सान तय है।

आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड की बैठक संपन्न

जयपुर/ 22 फरवरी
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड की होटल मोहम्मदी में आगामी 27 फरवरी को होने वाली कान्फ्रेंस के संबंध में एक बैठक का आयोजन किया गया बैठक की अध्यक्षता हाजी सग़ीर अहमद उर्फ़ लल्लू भय्या ने की बैठक में विशेष तौर से बोर्ड दिल्ली कार्यालय से कान्फ्रेंस की तैयारी का जायजा लेने आए मौलाना मुख्तार अशरफ ने भी शिरकत की।
मुख्तार अशरफ ने बताया कि आल इन्डिया उलेमा व मशयाख बोर्ड का मिशन ख्वाजा गरीब नवाज का मिशन है और संदेश भी वही कि मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं उन्होंने कहा कि देश में तरह का माहौल बन रहा है वह खतरनाक है और इसे मोहब्बत के बिना नहीं सुधारा जा सकता।
मौलाना ने साफ शब्दों में लोगों से कहा कि बोर्ड के बानी व सदर हज़रत मोहम्मद अशरफ किछौछवी इंसानियत का पैगाम लेकर सिर्फ देश में ही नहीं विदेशों में भी लगातार जा रहे हैं और उनकी कोशिशों में रंग दिखाया है आज दुनिया जान चुकी है कि मजहब इंसानियत को महफूज़ करने के लिए है उसे तबाह करने लिए नहीं और सूफिया ने यह कर के दिखाया भी है ।
जयपुर के सबसे बड़े अलिमे दीन मुफ़्ती अब्दुल सत्तार साहब ने कहा कि ऐसे परोग्राम वक़्त कि अहम ज़रुरत हें साथ ही कहा कि जयपुर के तमाम उलमा इस कोंफ्रेंस में शिरकत कर रहे हें.
मीटिंग में कान्फ्रेंस की तैयारी पर विस्तार से चर्चा हुई और बोर्ड के बानी सदर हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी का जयपुर में 27 फरवरी को भव स्वागत किए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया गया।

By: Yunus Mohani

नफरत का संक्रमण काल चल रहा है देश बचाना होगा: सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 फरवरी/कोलकाता,
नफरतों का संक्रमण काल चल रहा है देश बचाना होगा” यह विचार कोलकाता में एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए आल इन्डिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने रखे, हज़रत यहां जलसे में मुख्य वक्ता के तौर पर आये थे। उन्होंने कहा, देश में नफरतों का बुखार महामारी की तरह फ़ैल रहा है अगर दिल और दिमाग़ की सफाई नहीं की गई तो यह पूरे देश को अपनी चपेट में ले लेगी ।
हज़रत ने कहा कि इसका इलाज सिर्फ मोहब्बत है जिसका प्रयोग सूफिया ने किया और लोगों को एक माला में पिरो दिया, आज भी दरगाहें अकेली ऐसी जगह है जहां सभी धर्म के लोग दिलो में अकीदत लेकर आते हैं और मोहब्बत भाईचारे का सबक हासिल करते हैं, हमें औलिया अल्लाह की ज़िंदगी से सीखना चाहिए, वह गुनहगार से नहीं गुनाह से नफरत करते और गुनहगार को मोहब्बत के आगोश में लेकर उसे गुनाहों से दूर कर देते, अब हमें यही अमल करना है ।
उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और हकीकत को समझा जाएँ तो हम काफी हद तक बच सकते हैं, हज़रत ने शिक्षा प्राप्त करने पर बल देते हुए कहा कि इस्लाम ने शिक्षा पर कितना बल दिया है इसे इससे समझना चाहिए कि क़ुरआन में सबसे पहले कहा गया “इकरा” यानी पढ़ो, अल्लाह के हबीब ने फरमाया कि अगर तालीम हासिल करने के लिए चीन भी जाना पड़े तो जाओ, लिहाज़ा मुसलमानों को खास तौर पर अपने बच्चो को पढ़ाना चाहिए, इसके लिए चाहे उन्हें कितनी भी तकलीफ उठानी पड़े।
हज़रत ने कहा कि मुल्क में नफरतों के इस दौर को रोकने के लिए हमारे पास गरीब नवाज़ का दिया बेहरीन फार्मूला है, वह यह है कि” मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं” हमें इसे अपने अमल में लाना होगा।

By: यूनुस मोहानी

नफरत से इंसानियत और मुल्क दोनों का नुक़सान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

10 फरवरी/नागपुर
नफरत इंसानियत और मुल्क दोनों का नुक़सान कर रही है, ये बात आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने नागपुर में आयोजित कार्यक्रम ” हम कहां है” में बोलते हुए कही, हज़रत ने कहा कि यह इस वक़्त में खुद से पूछा जाने वाला सबसे पहला और जरूरी सवाल है कि हम कहां है?
उन्होंने कहा, हमारे इतिहास में हमने जिस तरह इंसानियत को बचाने और ज़ुल्म को खतम करने के लिए कुर्बानियां दी उसे रहती दुनिया तक भुलाया नहीं जा सकता लेकिन अब हम अपने आप को पहचान नहीं रहे क्योंकि हमने अपने गुज़रे हुए कल से सीखने का हुनर खो दिया है, अगर वापस वही मुकाम हासिल करना है तो हमें अपने गुज़रे हुए कल को देखना होगा और सूफिया के तरीके पर अमल करते हुए इंसानियत की भलाई के लिए काम करना होगा।
नफरत को हर हाल में रोक देना होगा और तलीमे नबी पर पूरी तरह अमल करना होगा वरना यह सवाल हमारे सामने ऐसे ही खड़ा रहेगा और हम खुद कभी इसका जवाब नहीं ढूंढ पाएंगे ।
हज़रत ने कहा कि किसी भी मसले पर सिर्फ सुनकर राय बनाने की आदत छोड़ दीजिए, चीज़ों को खोल कर देखिए बच्चो को गुमराह होने से बचने के लिए पढाएं।

By: यूनुस मोहानी

देश सबका है नफरतों की बात शहीदों का अपमान है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

7 फरवरी / लखनऊ” देश सबका है,नफरतों की बात शहीदों का अपमान” यह बात आल इन्डिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सांसद द्वारा मुसलमानों को बांग्लादेश या पाकिस्तान चले जाने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया से कहीं उन्होंने कहा कि देश किसी एक धर्म सम्प्रदाय का नहीं बल्कि सभी भारतीयों का है ऐसे में यह बेवजह की बात करना हास्यास्पद है । उन्होंने कहा कि देश की सरहदों की हिफ़ाज़त मे अपनी जान लुटाने वाले शहीदों का अपमान है इस तरह की बात करना।
हज़रत ने कहा कि नफरत की राजनीति को रोका जाना चाहिए यह देश के विकास में रोड़ा है और भारत सरकार को इस तरफ गंभीरता से सोचना चाहिए यह बाते देश तोड़ने वाली हैं उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो यह बड़ा संकट बन जायेगी ।
देश की आजादी में सब साथ अंग्रेजों से लड़ें और तब से आज तक जब देश को जरूरत पड़ी सभी देशवासी देशहित में कुर्बानी देते आए हैं देश को धर्म संप्रदाय के नाम पर बाटने की बात देश के समय को बर्बाद करने के सिवा कुछ नहीं है ।
उन्होंने देश वासियों से तरह की बातों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा हमें अपनी गंगा जमुनी तहजीब को खतम नहीं होने देना है और नफरतों को मोहब्बत से हरा देना है.

By: Yunus Mohani

इंसान बनें नफरत का हथियार नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

3 फ़रवरी/उरई इंसान बने नफरत का हथियार नहीं “यह बात आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने उरई में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा अल्लाह के रसूल जनाबे मोहम्मदुररसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलहीवसल्लम ने फ़रमाया कि लोगों में बेहतर वह है जो लोगों को फायेदा पहुंचाता है , यहाँ यह बात गौर करने की है कि नबी ने यह नहीं कहा कि मज़हब देखकर फायदा पहुँचाओ जाति देखकर पहुँचाओ बल्कि तुम सबके लिए फायेदा पहुँचाने वाले बन जाओ .
हज़रत ने कहा लोग जिस तरह नफरत के हाथों में हथियार बनते जा रहे हैं वह बहुत खतरनाक है उन्होंने नई दिल्ली के खयाला में नवयुवक अंकित की हत्या की कड़ी निंदा की उन्होंने कहा ज़ुल्म करने वाला कोई अपने को किसी भी मज़हब का कहता हो वह सिर्फ ज़ालिम है और हम ज़ुल्म के खिलाफ हैं ,सभी को ज़ालिम के खिलाफ होना चाहिए क्योंकि मज़हब यही सिखाता है .
उन्होंने कश्मीरी नवयुवकों पर हमले की भी कड़ी निंदा की उन्होंने कहा कि कश्मीर हिन्दोस्तान का हिस्सा है और कश्मीरी भी यहाँ के वैसे ही नागरिक हैं जैसे हम सब उन्हें भी मुल्क में आराम से रहने का हक़ है. हज़रत किछौछवी ने कहा कि समाज में जिस तरह कि मानसिकता पनप रही है वह घातक है एक इंसान को मार दिया जाता है और लोग खड़े तमाशा देखते हैं और यही नहीं वीडियो बना रहे होते हैं ज़ुल्म को तमाशाई बन कर देखना भी बड़ा जुर्म है.

BY: यूनुस मोहानी