मुसलमान खुद हैं जिम्मेदार सुधार करें : सय्यद मोहम्मद अशरफ

7 जनवरी/ नई दिल्ली
मुसलमान खुद जिम्मेदार हैं सुधार करें यह बात हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के उर्स के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मौजूदा समय में तीन तलाक़ को लेकर चल रही बहस पर कहीं ।
उन्होंने कहा मुसलमान खुद शरीयत पर अमल नहीं करते और इस आधार पर जब कहीं और से बात आती है तो परेशान हो जाते हैं यह हमारी अपनी कमजोरी है,सूफिया ने शरीयत को अपने अमल में ढाल कर पेश किया यही वजह है इनके आस्तानो पर हर मजहब के लोग अकीदत के फूल पेश करते नजर आते हैं हम खुद को अमल की बुनियाद पर सुधारने को तैयार नहीं हो रहे जिसकी वजह है कि जो शरीयत जानते है न इस्लाम वह रोज़ रोज़ नई नई तरह की बात उठा कर हमारे जज्बात को भड़काना चाहते हैं।
हज़रत ने कहा हमें होशियार रहना होगा अपने लोगों को जागरूक करना होगा,यह हमारी ज़िम्मेदारी है हमें होश से काम लेना है वरना याद रखिए हम खुद ही अपने घरों में आग लगाने वाले होंगे, नफरत को कामयाब होने दीजिए खुद को शरीयत पर अमल करने वाला बना लीजिए शरीयत का तहफ्फुज खुद बखुद होगया।
महफ़िल में दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के सज्जादानशीन हज़रत सय्यद अहमद अली निजामी, वली अहद दरगाह हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया सय्यद फरीद अहमद निजामी सहित काफी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।समापन सलातो सलाम के बाद विश्वशांति की दुआ के साथ हुआ ।

By: YunusMohani

मस्जिदों को नमाजियों से भर दें लाउडस्पीकर की इजाज़त ले: सय्यद मोहम्मद अशरफ

संभल/ 8 जनवरी
मस्जिदों को नामाजियो से भर दें और लाउडस्पीकर की प्रशासन से इजाज़त लें यह बात आल इन्डिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संभल में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही ।हज़रत ने साफ तौर पर कहा कि मुसलमान लाउडस्पीकर की आवाज़ की वजह से नमाज़ नहीं पड़ता बल्कि अपने रब के हुक्म से नमाज़ पढ़ता है हमें इस बात को अमली तौर पर बताना होगा।
उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर के लिए जो भी कानूनी तरीका हो उसे अपना कर इजाज़त हासिल करे और क़ानून का पूरा पालन करते हुए अपने दीनी फरीजे को भी पूरा करें । हज़रत ने लोगों से होश से काम लेने की बात कही जज्बात को काबू में रखते हुए काम करे ताकि नफरत अपने मकसद में हरगिज़ कामयाब न हो सके और मोहब्बत के फूल की खुश्बू पूरे चमन को महका दे।
हज़रत किछौछवी ने यह भी कहा कि मस्जिदों को हमे भरना होगा यह हमारी ज़िम्मेदारी है जिसे मुसलमान जान तो रहे हैं लेकिन अमल नहीं कर रहे हम जिस चीज का खुद ख्याल नहीं रख रहे अगर उसे लेकर बात होती है तो गलती हमारी है ,लोग आज तरह तरह से हमे उकसाने की साजिश रच रहें है हमें होशियार रहना होगा ।
अल्लाह के वालियो ने अल्लाह के हुकम और नबी की तालीम को हम तक पहुंचाया अगर हम औलिया अल्लाह से मोहब्बत रखते हैं तो मोहब्बत का तकाजा है कि महबूब की अदा को अपनाया जाय।

By: Yunus Mohani

ज़ुल्म किसी के भी साथ हो हमें मजलूम के साथ खड़े होना है: सय्यद मोहम्मद अशरफ

सैफनी रामपुर/9 जनवरी
ज़ुल्म किसी के भी साथ हो हमें मजलूम के साथ खड़े होना है ये इस्लाम की तालीम है ,यह बात कल सैफानि रामपुर में जश्ने गौसुलवरा को संबोधित करते हुए आल इंडिया उलेमा व माशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहीं ।हज़रत ने कहा पैग़म्बरे अमन व शांति ने हमें यही तालीम दी मोहब्बत , मुआफ़ करने का जज़्बा,ज़ालिम की मुखालफत,यह मुसलमान की पहचान है।
उन्होंने कहा कि हमारी ज़िम्मेदारी है कि अपने अमल से लोगों को बताए कि मुसलमान ऐसे होते हैं , मस्ज़िदों को भर दें ,दावत का यही तरीका सूफिया ने अपनाया अपने किरदार को लोगों के सामने पेश किया। लेकिन हम तब ज़ुल्म के खिलाफ खड़े होते हैं जब हम पर ज़ुल्म हो वरना हम खामोश रहते हैं यह गलत है।
हज़रत ने साफ तौर पर कहा कि मजलूम की हिमायत उसका मजहब या ज़ात देखकर नहीं की जाती, ज़ालिम का विरोध हर हाल में किया जाना चाहिए ,यही पैग़ाम हमे हमारे नबी ने दिया। देश में जिस तरह नफ़रत बढ़ रही है उससे सबको मिलकर निपटना होगा और नफरत से लडने के लिए मोहब्बत हमारा हथियार है ,दलितों ,आदिवासियों, ईसाई भाइयों सिख भाइयों सहित समाज के हर तबके के साथ जिसपर ज़ुल्म हो रहा है हमे खड़े होना होगा ।

By: Yunus Mohani

इस्लाम की तालीम मोहब्बत है और मदरसे इसे हासिल करने की जगह: सय्यद मोहम्मद अशरफ

11 जनवरी /दार्जलिंग
इस्लाम की तालीम मोहब्बत है और मदरसे इसे हासिल करने की जगह”यह बात आल इंडिया उलमा व माशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक धर्म सभा को संबोधित करते हुए कही , उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी द्वारा मदरसों में आतंकवाद की तालीम दिए जाने के बयान पर बात करते हुए उन्होंने साफ़ कहा अपने सियासी आकाओं को खुश करने और खुद को जेल की सलाखों से बचाने के लिये वह नफरत की सियासत कर रहे हैं और मदरसों को बदनाम करने की घिनौनी कोशिश में लगे हैं उनकी बात का सच से कोई तल्ल्लुक नहीं है .
हज़रत ने भारत सरकार और उत्तरप्रदेश सरकार दोनों से वसीम रिज़वी की जाँच कराकर उनके ज़रिये किये गए वक्फ घोटालों को उजागर कर इन्हें कड़ी सजा देने की मांग की क्योंकि मदरसे मोहब्बत की तालीम देते हैं ,धर्म नफरत नहीं सिखाता तो फिर जहाँ धर्म कि तालीम होती है वहां नफरत को फैलाने वालों का क्या काम .हज़रत ने पैगम्बरे अमन –ओ –शांति हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलहि वसल्लम की हदीस का ज़िक्र करते हुए कहा कि मोमिन आईने की तरह होता है जिसमे जो खुद जैसा होता है वैसी ही शक्ल आईने में दिखती है क्योंकि आइना झूट नहीं बोलता अगर कोई इंसान बुरा है तो उसे सामने बुराई ही नज़र आएगी वसीम रिज़वी को इसपर गौर करना चाहिए .
उन्होंने कहा लोगों को नफरत की नयी नयी चालों से होशियार रहना होगा और मोहब्बत से नफ़रत को मिटाना होगा ,हम सब की ज़िम्मेदारी है कि जो नफरत की बात करे उसका सामाजिक बहिष्कार करें मज़हब के नाम पर नफरत के व्यापारियों के धंधे को पनपने न दें .मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं के उसूल पर ज़िन्दगी गुजारें यही वह फार्मूला है जिससे शांति को कायम रखा जा सकता है .

By: Younus Mohani