बटला हाउस: मस्जिद खलीलुल्लाह के सेहन में फेहराया गया तिरंगा

नई दिल्ली, 26 जनवरी
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक व राष्ट्रिय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ कछोछवी ने मस्जिद खलीलुल्लाह, बटला हाउस, ओखला के सेहन में झंडा फहराया। बोर्ड ने यह घोषणा की थी कि वह दरगाह और मस्जिद में तिरंगा लहराएगा क्योंकि मुसलमान देश से प्रेम करने वाला है और उसे अपने देश के झंडे से भी बेपनाह मोहब्बत है। मुसलमान जब भारत से हज के लिए जाता है तो वहाँ उसकी पहचान तिरंगा है, हम तो वहाँ भी तिरंगा लहराते हैं मस्जिद और दरगाहों में क्यों नहीं लहराएँगे।
सय्यद मोहम्मद अशरफ कछोछवी ने इस मौके पर कहा कि देश के संविधान की रक्षा के लिए अपनी कोशिश करनी है और इसका तरीका कानून का पालन करते हुए देश के विकास में अपना योगदान करना है।
मस्जिद खलीलुल्लाह में यह ध्वज आरोहण का कार्यक्रम आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के साथ ईद मिलादुन्नबी वेलफेयर सोसायटी, अहले सुन्नत अकैडमी, जामिया हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया, जामिया कादरया और अल नवाज़ रेस्टोरेंट के सहयोग से हुआ।
इस अवसर पर मौलाना अब्दुल मोईद अज़हरी, मौलाना याकूब, मौलाना ज़फरुद्दीन बरकाती और रियाज़ के अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

आतंकवादी इंसानियत के दुश्मन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

आतंकवादी इंसानियत के दुश्मन बेगुनाहों के खून के प्यासे –सय्यद अशरफ

28 जनवरी /लखनऊ ‘आतंकवादी इंसानियत के दुश्मन , बेगुनाहों के खून के प्यासे “यह बात काबुल में हुए आतंकी हमले के कड़ी निंदा करते हुए आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रात सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछ्वी ने मीडिया से कही .उन्होंने साफ़ कहा इंसानियत के दुश्मन धर्म का चोला ओढ़ कर अलग अलग जगह अलग अलग नाम से हिंसा फैला रहे हैं इन्हें धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और इन्हें इंसानियत का दुश्मन जान कर हर कीमत पर रोका जाना चाहिए .

उन्होंने कहा सिर्फ अफगानिस्तान ही नहीं पूरा संसार आतंक की मार झेल रहा है भारत हो या दुसरे देश सभी को इससे निपटने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे कट्टरपंथ को रोकना होगा चाहे वह किसी भी धर्म के नाम पर हो .

हज़रत ने देश में हो रही हिंसक घटनाओं पर भी अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि हम कैसा समाज बना रहे हैं जहाँ गणतंत्र दिवस पर तिरंगे के नाम पर हिंसा हो रही है ,हमारी मिलीजुली गंगा जमुनी तहजीब खतरे में है हमारे देश के विकास को थामने के लिए यह जो अशांति फैलाई जा रही है वह बहुत खतरनाक है .उन्होंने कहा कि दंगो पर राजनीत ठीक नहीं राजनेताओं को इसे समझना होगा कि जनप्रतिनिधि किसी धर्म का नहीं होता वह पूरे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है अतः उसे सौहार्द्य को बढाने के लिए काम करना चाहिए न कि लाशों पर राजनीत .

आतंकवाद जिस तरह पैर पसार रहा है उससे पूरा संसार विनाश के मुहाने पर खड़ा है इस कठिन समय में मोहब्बत को हथियार बनाया जाना चाहिए ताकि नफरत को खतम किया जा सके .

By: Yunus Mohani

नफरत नहीं रुकी तो ख़तरे में है संविधान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

दिल्ली-25 जनवरी
ग़ालिब एकेडमी बस्ती निज़ामुद्दीन में दिनांक 25 जनवरी 2018 को विश्व विख्यात संस्था आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड की दिल्ली शाखा द्वारा दोपहर 2 बजे से “हम हिन्दुस्तानी”(We The Indians) नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बोर्ड द्वारा यह प्रोग्राम पूरे देश में आयोजित किया गया है, इस कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की रही. विशिष्ट अतिथि के तौर पर मलेशिया से पधारे शेख इस्माईल कासिम सहित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ख्वाजा मोहम्मद इकरामुद्दीन रहे।
कार्यक्रम में बोलते हुए हज़रत सय्यद अशरफ किछौछवी ने कहा कि बिना संविधान की इज्जत किये देशप्रेम सिर्फ एक ढोंग है, उन्होंने साफ कहा कि हमें अपनी लोकतांत्रिक प्रणाली को और मज़बूत करना होगा, इसमें विश्वास को बनाए रखना होगा क्योंकि हमारी गंगा जमनी तहज़ीब को जिस तरह नफरत की आग से खतरा है वह बहुत डरावना है, अगर यह तहज़ीब ख़तम हुई तो न कहीं कानून का राज होगा न कहीं लोकतंत्र, हम जिस आज़ादी की बात कर रहे हैं वह एक मज़ाक़ के सिवा कुछ नहीं होगा ,उन्होंने कहा कि देश को बचाने का अपनी आज़ादी को बरकरार रखने का सिर्फ एक रास्ता है मोहब्बत का, वह भी सबके लिये ,नफरत सड़कों पर जिस तरह घिनौनी तस्वीर पेश कर रही है वह मुल्क के लिऐ बुरा है. हमें मुल्क को आगे बढ़ाना है इसके लिए ज़रूरी है अपनी मिली जुली संस्कृति की हम रक्षा करें. संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करें ।
मलेशिया से तशरीफ लाए वर्ल्ड शहादा काउंसिल के अध्यक्ष हज़रत शेख इब्राहिम क़ासीम ने कहा, भारत एक अद्भुत देश है, पूरे संसार में ऐसा अनुपम उदाहरण नहीं मिलता जहां इतने धर्म एक साथ मिलजुल कर रहते हैं, उन्होंने बोर्ड को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि आपने अपने गणतंत्र दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुझे बुलाया ताकि इस प्यारे देश को मैं अपनी मोहब्बत का नज़राना पेश कर सकूं।
प्रोफेसर ख्वाजा मोहम्मद इकरामुद्दीन ने कहा, देश में जिस तरह का तरह माहौल बनाया जा रहा है वह हमारे संवैधानिक ढाँचे के लिए खतरनाक है, लोग धार्मिक आधार पर नफरत का व्यापार कर रहे हैं, देश को बचाने के लिए बुद्धिजीवी वर्ग को भी आगे आना होगा. उन्होंने लोगों को सोशल मीडिया की ताकत से रूबरू कराते हुए कहा कि जहां यह विकास प्रतीक है वहीं गलत इस्तेमाल से सबसे बड़ा खतरा है. लिहाज़ा हमें होशियार रहना होगा। कार्यक्रम को हज़रत सय्यद फरीद अहमद निज़ामी ने भी खिताब किया. उन्होंने कहा कि देश सूफी संतों का है इसे आग लगाने की कोशिश की जा रही है, हमें उनके जानशीन होने का हक़ अदा करना है और नफरतों से मुल्क बचाना होगा। कार्यक्रम संचालन मौलाना मुख्तार अशरफ ने किया, कार्यक्रम में राष्ट्रगान हुआ और सलातो सलाम के बाद मुल्क की सलामती अमन और तरक्की की दुआ की गई।

By: Yunus Mohani

मुसलमान मुल्क के वफादार, मुल्क को नुक्सान पहुँचाने वाले नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

जबलपुर/23 जनवरी ,मुसलमान मुल्क के वफादार, मुल्क को नुक्सान पहुंचाने वाले नहीं “ यह बात आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने जबलपुर में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही .उन्होंने कहा कि जब भी मुल्क को कुर्बानियों कि ज़रूरत पड़ी है मुसलमान सबसे आगे निकल कर आये हैं .चाहे वह मुल्क की आज़ादी कि लडाई रही हो या दुश्मन से लोहा लेने का मौक़ा और आज भी वही जज्बा है.
हजरत ने मुल्क में मौजूदा दौर में जिस तरह के हाल बने हुए हैं उसपर कहा कि लोगों को मुल्क के सम्मान का ख्याल रखना चाहिए अदालतों के फैसले के खिलाफ जिस तरह लोग सड़कों पर उतर कर हिंसा कर रहे हैं वह ठीक नहीं है .
उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड 25 जनवरी को पुरे हिन्दोस्तान में “हम हिन्दोस्तानी” (We The INDIAN’S) नाम से कार्यक्रम आयोजित कर रहा है जिसका उद्देश्य लोगों में संविधान के प्रति और अधिक भरोसा पैदा करना है साथ ही अपनी गंगा जमुनी तहजीब को बढ़ावा देना एवं लोकतान्त्रिक प्रणाली को और अधिक मज़बूत करते हुए जनमानस का भरोसा मज़बूत करना है .उन्होंने सभी से इस कार्यक्रम में अपने अपने शहरों में सम्मिलित होने की बात कही.

हज़रत किछौछवी ने कहा कि सबको चाहिए कि मुल्क की तरक्की में अपना भरपूर योगदान दें और नफरत की हवा को थाम दे ताकि मोहब्बत की खुशबू से अपना चमन महक उठे.

By: यूनुस मोहानी

सरकार शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

19जनवरी/ बुरहानपुर
सरकार शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दे,आल इन्डिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सरकार को चेताते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा देश युवाशक्ति को सही दिशा दिए बिना आगे नहीं बढ़ेगा. देश का विकास युवाओं को बेहतर शिक्षा व्यवस्था और रोजगार देने से होगा। वह यहां मीडिया से रूबरू थे।
हज सब्सिडी खत्म किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, हम इस क़दम का स्वागत करते हैं साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार अपने बयान के मुताबिक़ सब्सिडी की रकम मुस्लिम समाज की बच्चियों की शिक्षा पर खर्च करेगी तो समाज के गरीब वर्ग को इसका फायदा पहुंचेगा।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री का बयान कि “हम मदरसों के खिलाफ नहीं और सरकार इन्हें बंद नहीं करने जा रही बल्कि इसमें अच्छी व्यवस्था हो” का भी स्वागत योग्य है, सरकार को सभी नागरिकों के हित में काम करना चाहिए यही लोकतंत्र का तकाजा है।
उन्होंने कहा, जिस तरह देश में बेरोजगारों की भीड़ बढ़ रही है यह खतरनाक है हमारे नौजवान अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं और गलत राह पर जा रहे हैं. जिसका नतीजा दिन प्रतिदिन बढ़ता अपराध का ग्राफ है। सरकार को इस और देखना होगा, न सिर्फ केंद्र सरकार बल्कि राज्य में बैठी सरकारों को भी प्रबंध करना चाहिए वरना देश खतरे में है।
हज़रत ने कहा, सूफी संतो की यह पावन धरती आज नफरत की आग में झुलस रही है, सभी को इसे बचाने के लिए आगे आना होगा। हज़रत ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज़ का यह कौल कि “मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं” आज बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसपर अमल करके ही नफरत को हराया सकता है।

हज सब्सिडी को ख़तम करके राजनैतिक लाभ उठाने की कोशिश : सय्यद मोहम्मद अशरफ

इंदौर /16 जनवरी
हज सब्सिडी पूरी तरह से खतम करके राजनैतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है. यह बात आल इन्डिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक जलसे खिताब करते हुए कही,हज़रत ने कहा कि अगर सरकार सब्सिडी नहीं दे रही तो फिर खुले तौर पर एयरलाइन्स और होटल वगैरह के लिए टेंडर आमंत्रित करे लोगों को एयरइंडिया से ही महंगा सफर न करना पड़े ।
उन्होंने कहा अगर ऐसा ईमानदारी से किया जाता है तो हज सफर सस्ता होगा और ज़्यादा सुविधाजनक भी ।यह फैसला एक नजर में राजनैतिक लाभ लेने के लिए लिया गया प्रतीत हो रहा है सरकार को अपनी नीति को सामने लाना चाहिए वैसे भी मुसलमान हज पर अपनी हलाल कमाई को खर्च करके ही जाते हैं इससे हाजियों की संख्या पर फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन उनको खर्च करना पड़ेगा सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए ।
हज़रत ने कहा कि सब्सिडी को खतम करने के निर्णय को नफरत के लिए प्रयोग न किया जाय यह याद रखना होगा कि देश सभी का है और हम सबको मोहब्बत से मिलजुल कर इसे आगे बढ़ाने में सहयोग भी करना है लेकिन हुकूमत को भी सोचना होगा कि इस तरह के फैसलों का राजनीतिक इस्तेमाल न किया जाए।
मुसलमान सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आज तक रंगनाथ मिश्र कमेटी की सिफारिशें लागू किए जाने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उसे लागू न करके इस तरह के फैसलों से असंतोष पैदा किया जा रहा है जो उचित नहीं है भारत के सभी नागरिकों के हित के लिए सरकार को काम करना चाहिए।

By: यूनुस मोहानी

मज़लूमों पर ज़ुल्म करने वालों से खतरनाक है हाथ मिलाना : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 जनवरी/इंदौर “मजलूमों पर ज़ुल्म करने वालों से खतरनाक है हाथ मिलाना” यह बात आल इन्डिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने इंदौर में जलसे को खिताब करते हुए कही ।उन्होंने कहा ज़ालिम की हिमायत भी ज़ुल्म है ,पूरी दुनिया आतंकवाद के खतरे से दो चार है ऐसे में ज़ालिम को साथ लेकर उसे ख़तम करने की बात बेईमानी है।
हज़रत ने कहा जिस तरह की खबरें ,फोटो और वीडियो फिलिस्तीनियों पर इजरायल के ज़ुल्म के देखने और सुनने के मिलते है वह इंसानियत को शर्मसार करते हैं जो निंदनीय है उन्होंने कहा ऐसे में जब इजरायल के राष्ट्रध्यक्ष भारत दौरे पर आए हैं भारत को उनसे इस संबंध में बात करनी चाहिए और ज़ुल्म को रोकने के लिए कहना चाहिए।
हज़रत ने यह भी कहा कि भारत को इजरायल से व्यापार इसी शर्त पर करना चाहिए कि वह फिलिस्तीनियों पर ज़ुल्म रोके, क्योंकि भारत एक शांतिप्रिय देश है ,और हमारी नीति यहीं है कि हम ज़ालिम के साथ नहीं है। इंसानियत पर ज़ुल्म को मजहब , संप्रदाय , जाति के आधार पर नहीं देखा जा सकता, सभी इंसान हैं और उनके मानवाधिकारों का हनन अपराध है मानवता के प्रति।
हज़रत ने कहा कि हमें होश से काम लेना होगा जोश में आकर कोई ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जो नफरत को बढ़ावा दे क्योंकि इस्लाम की तालीम मोहब्बत है और हमारा फ़र्ज़ है कि हम उसपर अमल करें ।

By: यूनुस मोहानी

मुसलमान खुद हैं जिम्मेदार सुधार करें : सय्यद मोहम्मद अशरफ

7 जनवरी/ नई दिल्ली
मुसलमान खुद जिम्मेदार हैं सुधार करें यह बात हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के उर्स के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मौजूदा समय में तीन तलाक़ को लेकर चल रही बहस पर कहीं ।
उन्होंने कहा मुसलमान खुद शरीयत पर अमल नहीं करते और इस आधार पर जब कहीं और से बात आती है तो परेशान हो जाते हैं यह हमारी अपनी कमजोरी है,सूफिया ने शरीयत को अपने अमल में ढाल कर पेश किया यही वजह है इनके आस्तानो पर हर मजहब के लोग अकीदत के फूल पेश करते नजर आते हैं हम खुद को अमल की बुनियाद पर सुधारने को तैयार नहीं हो रहे जिसकी वजह है कि जो शरीयत जानते है न इस्लाम वह रोज़ रोज़ नई नई तरह की बात उठा कर हमारे जज्बात को भड़काना चाहते हैं।
हज़रत ने कहा हमें होशियार रहना होगा अपने लोगों को जागरूक करना होगा,यह हमारी ज़िम्मेदारी है हमें होश से काम लेना है वरना याद रखिए हम खुद ही अपने घरों में आग लगाने वाले होंगे, नफरत को कामयाब होने दीजिए खुद को शरीयत पर अमल करने वाला बना लीजिए शरीयत का तहफ्फुज खुद बखुद होगया।
महफ़िल में दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के सज्जादानशीन हज़रत सय्यद अहमद अली निजामी, वली अहद दरगाह हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया सय्यद फरीद अहमद निजामी सहित काफी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।समापन सलातो सलाम के बाद विश्वशांति की दुआ के साथ हुआ ।

By: YunusMohani

मस्जिदों को नमाजियों से भर दें लाउडस्पीकर की इजाज़त ले: सय्यद मोहम्मद अशरफ

संभल/ 8 जनवरी
मस्जिदों को नामाजियो से भर दें और लाउडस्पीकर की प्रशासन से इजाज़त लें यह बात आल इन्डिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संभल में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही ।हज़रत ने साफ तौर पर कहा कि मुसलमान लाउडस्पीकर की आवाज़ की वजह से नमाज़ नहीं पड़ता बल्कि अपने रब के हुक्म से नमाज़ पढ़ता है हमें इस बात को अमली तौर पर बताना होगा।
उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर के लिए जो भी कानूनी तरीका हो उसे अपना कर इजाज़त हासिल करे और क़ानून का पूरा पालन करते हुए अपने दीनी फरीजे को भी पूरा करें । हज़रत ने लोगों से होश से काम लेने की बात कही जज्बात को काबू में रखते हुए काम करे ताकि नफरत अपने मकसद में हरगिज़ कामयाब न हो सके और मोहब्बत के फूल की खुश्बू पूरे चमन को महका दे।
हज़रत किछौछवी ने यह भी कहा कि मस्जिदों को हमे भरना होगा यह हमारी ज़िम्मेदारी है जिसे मुसलमान जान तो रहे हैं लेकिन अमल नहीं कर रहे हम जिस चीज का खुद ख्याल नहीं रख रहे अगर उसे लेकर बात होती है तो गलती हमारी है ,लोग आज तरह तरह से हमे उकसाने की साजिश रच रहें है हमें होशियार रहना होगा ।
अल्लाह के वालियो ने अल्लाह के हुकम और नबी की तालीम को हम तक पहुंचाया अगर हम औलिया अल्लाह से मोहब्बत रखते हैं तो मोहब्बत का तकाजा है कि महबूब की अदा को अपनाया जाय।

By: Yunus Mohani

ज़ुल्म किसी के भी साथ हो हमें मजलूम के साथ खड़े होना है: सय्यद मोहम्मद अशरफ

सैफनी रामपुर/9 जनवरी
ज़ुल्म किसी के भी साथ हो हमें मजलूम के साथ खड़े होना है ये इस्लाम की तालीम है ,यह बात कल सैफानि रामपुर में जश्ने गौसुलवरा को संबोधित करते हुए आल इंडिया उलेमा व माशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहीं ।हज़रत ने कहा पैग़म्बरे अमन व शांति ने हमें यही तालीम दी मोहब्बत , मुआफ़ करने का जज़्बा,ज़ालिम की मुखालफत,यह मुसलमान की पहचान है।
उन्होंने कहा कि हमारी ज़िम्मेदारी है कि अपने अमल से लोगों को बताए कि मुसलमान ऐसे होते हैं , मस्ज़िदों को भर दें ,दावत का यही तरीका सूफिया ने अपनाया अपने किरदार को लोगों के सामने पेश किया। लेकिन हम तब ज़ुल्म के खिलाफ खड़े होते हैं जब हम पर ज़ुल्म हो वरना हम खामोश रहते हैं यह गलत है।
हज़रत ने साफ तौर पर कहा कि मजलूम की हिमायत उसका मजहब या ज़ात देखकर नहीं की जाती, ज़ालिम का विरोध हर हाल में किया जाना चाहिए ,यही पैग़ाम हमे हमारे नबी ने दिया। देश में जिस तरह नफ़रत बढ़ रही है उससे सबको मिलकर निपटना होगा और नफरत से लडने के लिए मोहब्बत हमारा हथियार है ,दलितों ,आदिवासियों, ईसाई भाइयों सिख भाइयों सहित समाज के हर तबके के साथ जिसपर ज़ुल्म हो रहा है हमे खड़े होना होगा ।

By: Yunus Mohani