पैग़म्बर -ए-अमन की तालीम पर अमल से ही दुनिया में अमन मुमकिन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

कोलकाता/1दिसंबर
पैग़म्बर –ए-अमन की तालीम पर अमल सेे ही दुनिया में अमन मुमकिन है, यह बात एक जश्ने ईद मिलादुन्नबी प्रोग्राम में शिरकत करने कोलकाता आए आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहीं। उन्होंने आक़ा अलैहिस्सलाम की एक हदीस बयान की ”तुम्हारे शर (उत्पीड़न)से अगर तुम्हारा पड़ोसी सुरक्षित नहीं है तो तुम मोमिन नहीं हो सकते” और कहा कि अगर पूरी दुनिया इस पर अमल कर ले तो पूरी दुनिया में अमन कायम हो सकता है, क्योंकि एक इंसान दूसरे इंसान का पड़ोसी है, इसी तरह एक मोहल्ला दूसरे मोहल्ले के, एक गांव दूसरे गांव का, शहर दूसरे शहर का, एक प्रदेश दूसरे प्रदेश का, एक देश दूसरे देश का, इस तरह पूरी दुनिया एक दूसरे की पड़ोसी है, लिहाज़ा न किसी फौज की ज़रूरत होगी, न सुरक्षा की, न हथियारों की और यह धन स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च होगा और दुनिया में अमन क़ायम हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सबलोग मिलकर आक़ा की यौमे मीलाद मनाएं, इस दिन को यौमे अमन के तौर पर मनाया जाये, लोग मज़लूमों, ग़रीबों,बीमारों और यतीमों की खूब मदद करें और मज़हब और संप्रदाय देखे बिना लोगों की मदद करते रहें।
उधर बोर्ड के ऐलान पर पूरे भारत में आज बोर्ड की यूनिट में वृक्षारोपण का कार्यक्रम संपन्न हुआ, इसी क्रम में महाराजगंज शाखा में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ. इस मौके पर मुख्य मोहम्मद इद्रीस अशरफ़ी, रफ़ीक़ अशरफ़ी, इम्तियाज कुरैशी, मोबीन अशरफ़ी, गुलाम रसूल, मोहम्मद सलीम, फरमान कुरैशी, रशीद मोहम्मद साहब और शमीम अशरफ़ी मौजूद रहे।

By: यूनुस मोहानी

मज़लूमों की मदद है आक़ा अलैहिस्सलाम की मीलाद मानने का तरीक़ा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

पूना/30 नवंबर
मज़लूमों की मदद है आका अलैहिस्सलाम की मीलाद मनाने का एक तरीक़ा, यह बात आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पूना में आयोजित एक धर्मसभा में कहीं,हज़रत ने कहा कि मुस्तफा करीम सल्ललल्लाहू अलैहि वसल्लम की मीलाद से मज़लूमों को ज़ुल्म से निजात मिली, गुमराहियों के घनघोर अंधेरों से छुटकारा मिला और तौहीद की रोशनी नसीब हुई, जहां खुद से खुद पर किए जा रहे ज़ुल्म से इस तरह निजात मिली वहीं ज़ालिमों के ज़ुल्म से भी लोगों को आजादी मिली, औरतों, यतीमों, गरीबों और मिस्कीनो को इज्जत से ज़िन्दगी गुजारने की आज़ादी और अधिकार मिले, यानी आक़ा की मीलाद से मज़लूमों को ज़ुल्म से निजात मिली, लिहाज़ा हमें इसे यौमे अमन के तौर पर मनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेहतर से बेहतर तरीक़े से हमें लोगों तक मदद पहुंचाना चाहिए, लोगों की ज़रूरतों का ख्याल रखा जाना चाहिए, यातीमों ,बेवाओं,गरीबों का ख्याल रखिए, बीमारों की अयादत कीजिए, महफ़िल सजाइए, लोगों में खाना बांटिए, दुरूद और सलाम की महफ़िल कीजिए, जुलूस निकालिये लेकिन ख्याल रहे कि यह रहमते आलम की मीलाद का जुलूस है, किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, अपने घर और मोहल्ले को साफ सुथरा कीजिए और सबको इस जश्न में शामिल होने की दावत दीजिए।
हज़रत किछौछवी ने हरे झंडे के साथ हर मज़हबी जलसे जुलूस में मुल्क के झंडे तिरंगे को शामिल करने की अपील भी की। आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां की सरपरस्ती में दिल्ली के जोघाबाई एक्सटेंशन पर गरीबों को गरम कपड़े बांटे, इस मौक़े पर बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव सय्यद हसन जामी, यूनुस मोहानी ,मौलाना मुख्तार अशरफ, अंजर अल्वी मौजूद रहे। बोर्ड के ऐलान के मुताबिक बोर्ड की हर शाखा इस काम को कर रही है, बोर्ड के अध्यक्ष के ऐलान पर पूरे देश में मीलाद को यौमे अमन के तौर पर मनाया जा रहा है।
By: यूनुस मोहानी