آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ کی طرف سے طلبا کے روشن مستقبل کے لئے’’ کیریئر پلا ننگ‘‘ کا انعقاد

باسنی ،ناگور 25اکتوبر
آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ باسنی ناگور شاخ اور طلبہ ایسو سی ایشن باسنی، ناگور، راجستھان کے تحت گذشتہ روز طلبا میں تعلیمی بیداری پیدا کر نے کے لئے ’’کیر یئر پلا ننگ‘‘ کے نام سے دارالعلوم فیضان اشرف باسنی کے ہال میں پروگرام کا انعقاد کیا گیا۔ پروگرام سے پہلے ٹرینروں نے شہر کے مختلف اسکولوں اور کا لجوں کا دورہ کیاجس میں طلبا کی تربیت سے متعلق بیانات ہو ئے اور اقلیتی سماج میں تعلیم کی اہمیت و ضرورت پر خصوصی توجہ دی ۔ پروگرام میں تعلیم کے تئیں بچے کا فی پر جوش نظر آئے ، اورٹرینروں کو احساس ہوا کہ انہیں رہنما ئی وگائیڈنس کی سخت ضرورت ہے۔
پروگرام میں باسنی کے مختلف اسکولوں و کا لجوں سے تقریباً سو سے زائد طلبا نے شرکت کی اور ملک کی مختلف کو چنگ سینٹرس اور یونیورسٹیوں سے دس ٹرینروں کے ذریعہ طلبا کی تربیت کی گئی ۔ پروگرام کو تین سیشن میں تقسیم کیا گیا جس کے پہلے سیشن میں آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ یوتھ باسنی کے صدر مولانا محمد حسین نے طلبا کو تعلیم میں آنے والی دشواریوں کا حل بتا تے ہو ئے ورکپ شاپ کی اہمیت و ضرورت پر روشنی ڈالی ۔ دوسرے سیشن میں طلبا کے لئے ذہنی آزمائش کا امتحان رکھا گیا جس میں پہلا دوسرا اور تیسرامقام حاصل کر نے وا لے طالب علموں کو انعامات سے نوازا گیا ۔ تیسرے سیشن میں ٹرینروں کے ذریعہ اعلیٰ تعلیم کے لئے مختلف برا نچیز کو مد نظر رکھتے ہو ئے طلباکی کا ؤ نسلنگ کی گئی جس میں سائنس و با یو ٹیکنالو جی کے لئے ڈاکٹر محمد اسماعیل، سائنس و حساب کے لئے انجینئر محمد غلا م جیلا نی ، انجینئر محمد یا سین اور انجینئر محمد اسرار جامعہ ملیہ اسلامیہ، کا مرس کے لئے سی اے جناب محمد ارشد صاحب اور آرٹس کے لئے مولانا محمد حسین و جناب محمد اختر نے طلبا کی رہنما ئی کی ۔ آخر میں طالب علموں کے روشن مستقبل کے لئے تعلیمی سہو لیات فراہم کئے جا نے کو یقینی بنا نے کی ہر ممکن مدد کا عہد کر نے کے ساتھ پروگرام کا اختتام ہوا ۔

मोहब्बत वालों का है हिन्दुस्तान : सय्यद अशरफ

मेरठ : 6 अक्टूबर हिंदुस्तान हर मोहब्बत करने वाले का है यह बात आल इंडिया उलमा मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने शाहपीर साहब की मस्जिद में आयोजित अजमते हुसैन कांफ्रेंस में बोलते हुए कही ।हज़रत मेरठ में सय्यद अहमद अली सत्तारी की दावत पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे ,हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कुर्बानी को याद करते हुए उन्होंने कहा इमाम ने हिन्दुस्तान की तरफ आने की बात कही इसलिए यह हिन्दुस्तान हुसैन का हिन्दुस्तान है यह प्यारी धरती जहां मोहब्बतें बिखरी हुई हैं यह सरजमीं हुसैन के बेटे गरीब नवाज़ की भी है।किसी को कोई हक नहीं है कि वह अपनी विचारधारा किसी पर थोपे जहां लोग इसे राम कृष्ण और नानक की धरती कहते हैं वहीं यह कबीर का हिन्दुस्तान भी है और मोहब्बत वाले इसे ख्वाजा का हिन्दुस्तान कहते हैं इससे जिन्हें परेशानी है वह देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने नफरतें बाटने वाले दुस्साहसी एवम् दुराचारी ज़ालिम शासक यजीद के खिलाफ खड़े होकर बता दिया कि मोहब्बत को मिटाना आसान नहीं है ,ज़ुल्म कुछ देर तो विजय पाता दिखाई देगा लेकिन वास्तविकता यह है कि पराजय उसकी किस्मत है ,हुसैन ने दुनिया को सिखाया कि सर कटा कर अपना पूरा घर लुटा कर किस तरह विजय प्राप्त की जाती है मोहब्बत वालों का यही आचरण है ।
आज हर मोहब्बत वाला हुसैन का है इसमें धर्म की कैद भी नहीं हिन्दुस्तान में ही हुसैनी ब्राह्मण भी हैं सिख भी हैं ईसाई और मुसलमान भी यह है हुसैन की विजय ,विचारधारा की विजय कर्बला में हुसैन की हुईं और कटने के बाद भी उनका सर सबसे बुलंद रहा मजलुमियत में किस तरह जीत हासिल की जाये रहती दुनिया हुसैन से सीखती रहेगी ।
पीर अहमद अली सत्तारि ने कहा कि हुसैन अलैहिस्सलाम से मोहब्बत रखने वाले ज़ुल्म के खिलाफ हर दौर में खड़े होते रहे हैं और मजलूमों की मदद करते रहे हैं देश और समाज में व्याप्त नफरत और भ्रष्टाचार को मिटाना हुसैनियत है और इसे बढ़ावा देना यजीदीयत है।
कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत के साथ मौलाना मुख्तार अशरफ ने की इसके बाद सय्यद सरमद अली और सय्यद वलीअहमद सत्तारी ने नात और मनकबत पेश की इसके बाद मुफ्ती साजिद हस्नी और नूरमोहम्मद हसनी ने जलसे को खिताब किया जलसे का संचालन मौलाना मोहम्मद सद्दाम ने किया जलसे की सदारत पीर मोहम्मद अली सत्तारी ने की कार्यक्रम का समापन सलातो सलाम के बाद दुनिया में शांति की दुआ के साथ हुआ। बाद में लंगर बांटा गया जलसे में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की.
By Yunus Mohani