भारत को मार रही है हिंसक भीड़ -सय्यद मोहम्मद अशरफ

लखनऊ :आल इंडिया उलेमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यछ हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने झारखण्ड के रामगढ़ के बाजरटांड गाँव में अलीमुदीन उर्फ़ अजगर अली अंसारी की भीड़ के ज़रिये गौमांस के शक में पीट पीट कर की गयी हत्या को भारत की हत्या बताया है .हज़रत ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ रोज़ हो रही हैं जो समाज को बाँट रही हैं .

उन्होंने ने साफ़ कहा कि भारत सिर्फ ज़मीन के किसी हिस्से का नाम नहीं है बल्कि यह इस ज़मीन पर रहने वाले हमारे उस समाज का नाम है जो भाईचारे मोहब्बत के लिए जाना जाता है अब इसमें नफरतों को जिस तरह घोला जा रहा है वह मुल्क के लिए बहुत खतरनाक है .

हज़रत ने कहा कि ऐसा लगता है की भीड़ देश को बर्बाद करने पर तुली है एक तरफ प्रधानमन्त्री गुजरात में अहिंसा का पाठ पढ़ा रहे होते हैं और दूसरी तरफ मज़हब के नाम पर एक भारतीय नागरिक को भीड़ पीट पीट कर मार रही होती है. अब भीड़ का कानून चल रहा है जिसमे भीड़ अपने हिसाब से आरोप लगाती है फिर दोषी भी मान लेती है बिना सुबूत और गवाह के और फिर सजा भी दे देती है .

बेरोजगार युवाओं की टोली को मज़हबी कट्टरपंथ की अफीम पिलाई जा रही है जो इस प्यारे हिंदोस्तान के लिए खतरनाक है और उससे ज्यादा खतरनाक है सरकारों का खामोश रहना. अगर यह चुप्पी नहीं टूटी तो भारत को मार देगी यह हिंसक भीड़ .

हज़रत ने साफ़ कहा कि मुल्क की हिफाज़त के लिए मुल्क के अमन की हिफाज़त के लिए किये जा रहे हर छोटे या बड़े प्रयास का हम समर्थन करते हैं और हम साथ हैं. आल इंडिया उलेमा मशाइख बोर्ड मुल्क में अमन के लिए अपनी हर कोशिश कर रहा है.

कुदरत का निजाम है गुनाहों से तौबा(GST) करने वालों को माफ़ी -सय्यद अशरफ

लखनऊ:आल इंडिया उलेमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यछ हज़रत सय्यद मोहमम्द अशरफ किछौछवी ने जी एस टी को गुनाहों से तौबा बताते हुए कहा की अगर इंसान रब की बारगाह में जीएसटी को अपना ले तो उसके दरजात बुलंद होने से कोई नहीं रोक सकता यह रब का निजाम हैं .
यह बात उन्होंने एक सवाल के जवाब में कही जब उनसे जीएसटी पर उनकी राय पूछी गयी उन्होंने कहा की मुल्क की बेहतरी और कालाबाजारी रोकने के लिए अगर कोई क़दम उठाया जाता है तो हम सब को उसका समर्थन करना चाहिए सरकार ने कानून बनाया है अब उसके नतीजे कुछ दिन बाद पता चलेंगे लिहाज़ा किसी चीज़ का विरोध सिर्फ बदगुमानी की बुनियाद पर ठीक नहीं है .
हज़रत ने कल बिहार में भीड़ के ज़रिये दो दलित भाइयों को जान से मारे जाने की पुरजोर मज़म्मत की उन होने कहा की धीरे धीरे जो खौफ का माहौल बनाया जा रहा है वोह मुल्क के लिए खतरनाक है जो किसी को चैन से जीने नहीं देगा अगर आज हिंसक भीड़ के निशाने पर मुसलमान दलित सिख और इसाई हैं तो कल यह आपस में भी एक दुसरे के खून के प्यासे होंगे जो बड़ा डरावना होगा .

उन्होंने कहा जिस तरह उत्तरप्रदेश में आये दिन हिंसक वारदातें हो रही है उससे एक समुदाय में जो डर पैदा हो रहा है वोह ठीक नहीं है सरकार को इस पर ध्यान देना होगा.
हज़रत ने फिर एक बार सभी अमनपसंद भारतियों से एकजुट होकर इस नफरत वाली भीड़ को मोहब्बत से हरा देने की अपील की है उन्होंने कहा की अब समय आ गया कि हम ज़ुल्म के खिलाफ खड़े हो जाएँ क्योंकि नफरते हद से गुज़रती जा रही हैं अगर हमने देर की तो अंजाम ज्यादा बुरा होगा .लिहाज़ा सब्र का दामन बिना छोड़े मोहब्बत को आम किया जाये और नफरत को हरा दिया जाये .

घरेलु हिंसा द्वारा देश को अस्थिर करने की विदेशी ताक़तों की साज़िश – सय्यद मोहम्मद अशरफ

दिल्ली : आल इंडिया उलेमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यछ हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा है कि देश में जो लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं वह विदेशी ताक़तों की कटपुतली हैं प्रशासन को होशियार रहना होगा.

हज़रत ने कहा जिस तरह कुछ हिंसक दरिंदे आये दिन इंसानियत को शर्मसार कर रहे है वह मुल्क़ के लिए बहुत खतरनाक है जिस तरह पाकिस्तान और चीन घात लगाए हुए हैं उससे साफ़ लग रहा है कि यह मुल्क़ का माहौल खराब करने वाले विदेशी एजेंट हैं.

उन्होंने कहा कि पुरे मुल्क़ के लोगों को होशियार रहना होगा यह असामाजिक तत्त्व बड़े सांप्रदायिक दंगे करा सकते हैं लिहाज़ा सरकार को कड़े क़दम उठाने होंगे और इन पर लगाम लगानी होगी.

हज़रत ने साफ़ कहा कि दुनिया जान ले कि भारतीय लोग अपने मुल्क़ को बचाने के लिए अपना सबकुछ निछावर कर सकते हैं.मुल्क़ के मुसलमान मुल्क़ के लिए हर क़ुर्बानी देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं ,और जब भी मौका आया है तो सबसे पहले आगे आते हैं.
उन्होंने कहा कि मुल्क के सभी अमनपसंद लोग नफरतों के खिलाफ खड़े हों अपने चारों तरफ नज़र रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

अमन ख़राब करने वाले हैं देश के ग़द्दार-सय्यद अशरफ

जौनपुर :आल इंडिया उलेमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यछ हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने जौनपुर में आयोजित सेमिनार” सूफीवाद और मानवता “में बोलते हुए कहा कि जिस तरह फ़िज़ाओं में ज़हर घोला जा रहा है वह इंसानियत को तबाह कर देगा इससे बचने का एक ही तरीक़ा है कि मोहब्बत को आम किया जाये लोग सब्र का दामन थामे रहें.
हज़रत ने कहा जिस तरह हिंसक भीड़ लोगों को मार रही है वह डरावना है ,अगर अब भी अमनपसंद लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे तो मुल्क़ खतरे में है.
उन्होंने कहा जो लोग समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं वह देश के दुश्मन हैं वह किसी हाल में देशभक्त नहीं हो सकते.
हज़रत किछौछवी ने कहा हिंसा किसी भी चीज़ का हल नहीं है और याद रखिये अगर अमन खत्म होता है तो विकास रुक जाता है जो लोग मुल्क़ के अमन के दुश्मन हैं वो देश के विकास के भी दुश्मन हैं लिहाज़ा इनपर ससरकार को सख्ती दिखानी चाहिए.
अगर इस भीड़ को नहीं रोका गया तो नुक्सान होना तय है.उन्होंने लोगों से सूफियों के तरीके को अपनाने की बात कही जहाँ मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं का सन्देश है.
हज़रत ने कहा इंसानियत का क़त्ल करने वाले मुल्क़ के गद्दार हैं और सभी अमनपसंद भारतियों की ज़िम्मेदारी है कि इन्हें रोकें मुल्क़ में अमन क़ायम रखने के लिए आल इण्डिया उलेमा मशाइख बोर्ड कोशिशे कर रहा है आप इस मुहीम से जुड़िये और मुल्क़ कि तरक़्क़ी में अपना योगदान दीजिये हिन्दोस्तान हम सब का बराबर है और इसकी हर दुश्मन से हिफाज़त हम सबकी ज़िम्मेदारी.
इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे सेमीनार के अंत में सलातो सलाम के बाद मुल्क़ में अमन कि दुआ की गयी.

देश खतरे में, भीड़ कर रही है लोकतंत्र की हत्या -सय्यद अशरफ

सऊदी अरब /मदीना :आल इंडिया उलेमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यछ हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल मदीने से जारी अपने बयान में कहा है कि हमारा मुल्क इस वक़्त नफरतों की आग में तप रहा है खतरनाक हिंसक भीड़ खूबसूरत हिन्दोस्तान को तबाह करने पर तुली है .
हज़रत ने कश्मीर में अलविदा नमाज़ के बाद जामिया मस्जिद से निकली भीड़ के ज़रिये डी.एस .पी मोहम्मद अय्यूब पंडित की हत्या को कायरता करार देते हुए इसे मजहबे इस्लाम को बदनाम करने की घिनौनी साजिश करार दिया उन्होंने कहा की आखिर यह कौन सी नमाज़ थी जिसके बाद लोग किसी की जान लेने पर आमादा हो गए कट्टरपंथ को अगर नहीं रोका गया तो यह गुमराह भीड़ सब कुछ तबाह कर देगी .
हज़रत किछौछवी ने चलती ट्रेन में एक मुसलमान लड़के की हत्या को भी शर्मनाक बताया है उन्होंने कहा की यह कोई मज़हब नहीं सिखाता कि किसी का क़त्ल कर दिया जाये लगातार जिस तरह एक मज़हब के लोगों को बीफ के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है उससे कानून का राज ख़तम होता दिख रहा है और हम अपने इस मोहब्बत वाले मुल्क को नफरत की आग में जाता हुआ देख रहे हैं भीड़ लोकतंत्र की हत्या कर रही है अदालत के बजाये कुछ सरफिरे फैसले कर रहे हैं और बेगुनाहों को क़त्ल कर रहे हैं .
हज़रत ने कहा क हम हुकूमते हिन्द से मांग करते हैं की इसे हर हाल में रोका जाये क्योंकि हिन्दोस्तान से हम हैं अगर मुल्क जला तो कोई महफूज़ नहीं रहेगा उन्होंने अमन पसंद लोगों से अपील करते हुए कहा की सभी अमन पसंद लोग अब इन नफरत के सौदागरों के खिलाफ एकजुट होकर आयें सवाल मुल्क का है नफरतो को रोकने के लिए मोहब्बतों की बहुत ज़रूरत है.
अमन के कयाम के लिए सभी को एक आवाज़ में कहना होगा कि सभ्य समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है मौलाना ने लोगों से सब्र से काम लेने की बात कही और कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें अमन कायम करने की हर मुमकिन कोशिश की जाये वहीँ उन्होंने हुकूमत से मांग की कि “सबका साथ सबका विकास “का जो नारा दिया गया है इस पर अमल होना चाहिए और अल्पसंख्यको के मन से डर को निकलने की कोशिश की जानी चाहिए .
हज़रत ने मुल्क में मोहब्बत की हवा चलने और अमन कायम रहने की दुआ की .

جی ایس ٹی پر آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ کے صدر کا بیان

لکھنو(پریس ریلیز) آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ کے بانی و صدر حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے جی ایس ٹی کو گناہوں سے توبہ بتاتے ہوئے کہا کہ اگر انسان رب کی بارگاہ میں جی ایس ٹی کو اپنا لے تو اس کے درجات بلند ہونے سے کوئی نہیں روک سکتا ۔یہ رب کا نظام ہے یہ بات انہوں نے ایک سوال کے جواب میں کہی جب ان سے جی ایس ٹی پر ان کی رائے پوچھی گئی ،انہوں نے کہا کہ ملک کی بہتری اور کالا بازاری روکنے کے لئے اگر کوئی قدم اٹھایاجاتا ہے تو ہم سب کو اس کی حمایت کرنا چاہئے۔سرکار نے قانون بنایا ہے اب اس کے نتیجے کچھ دن بعد پتہ چلیں گے ،لہذا کسی چیز کی مخالفت صرف بد گمانی کی بنیاد پر ٹھیک نہیں ہے،حضرت نے کل بہار میں بھیڑ کے ذریعہ دلت بھائیوں کو جان سے مارنے کی پر زور مذمت کی ہے انہوں نے کہا کہ دھیرے دھیرے جو خوف کا موحول بنایا جا رہا ہے وہ ملک کے لئے خطرناک ہے جو کسی کو چین سے جینے نہیں دیتا ،اگر آج شدت پسند بھیڑ کے نشانے پرمسلمان ،دلت ،سکھ ،عیسائی ہیں،تو کل یہآپس میں بھی ایک دوسرے کے خون کے پیاسے ہوں گے جو بڑا ڈراونا ہوگا۔انہوں نے کہا کہ جس طرح اتر پردیش میں آئے دن تشدد کی وارداتیں ہورہی ہیں اس سے ایک کمیونٹی میں خوف پیدا ہو رہا ہے حکومت کو اس پر دھیان دینا ہوگا۔
حضرت نے پھر ایک بار سبھی ہندوستانیوں سے ایک جٹ ہوکر اس نفرت والی بھیڑ کو محبت سے ہرا دینے کی اپیل کی ہے ۔انہوں نے کہا کہ اب وقت آگیا ہے کہ ہم ظلم کے خلا ف کھڑے ہوجائیں۔کیونکہ نفرتیں حد سے گذرتی جارہی ہیں اگر ہم نے دیر کی تو انجام زیادہ برا ہو گا،لہذا صبر کا دامن چھوڑے بغیر محبت کو عام کیا جائے اور نفرت کو ہرا دیا جائے۔

متعصب بھیڑ کے ذریعہ ہندوستان کا قتل: سید محمد اشرف کچھوچھوی

لکھنئو

آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے صدر و بانی حضرت مولانا سید محمد اشرف کچھوچھوی نے جھارکھنڈ کے رام گڑھ کے باجر ٹانڈ گائوں میں علیم الدین عرف اصغر علی کی بھیڑ کے ذریعہ گائے کے گوشت کے شک میں پیٹ پیٹ کر قتل کو ہندستان کا قتل بتایا ہے ۔
حضرت نے کہا کہ اس طرح کے حادثات روز ہو رہے ہیں جو سماج کو تقسیم کر رہےہیں۔ انہوں نے صاف کہا کہ ہندوستان صرف زمین کے کسی حصے کا نام نہیں ہے بلکہ یہ اس زمین پر رہنے والے ہمارے اس سماج کا نام ہے جو محبت و اخوت کے لئے مشہور ہے۔ اب اس میں نفرتوں کو جس طرح گھولا جا رہا ہے وہ ملک کے لئے بے حد خطرناک ہے ۔
حضرت نے کہا ایسا لگتا ہے کہ بھیڑ ملک کو برباد کرنے پر تلی ہے ۔ ایک طرف وزیر اعظم گجرات میں محبت کا سبق پڑھا رہے ہوتے ہیں اور دوسری طرف مذہب کے نام پر ایک ہندوستانی مقیم کو بھیڑ پیٹ پیٹ کر مار رہی ہوتی ہے ۔ اس وقت بھیڑ کا قانون چل رہا ہے جس میں بھیڑ اپنے حساب سے الزام لگاتی ہے اور پھر بنا ثبوت و گواہ کے ملزم بنا کر سزا بھی خود ہی دے دیتی ہے ۔
بے روزگار نوجوانوں کی ٹولی کو مذہبی تعصب کی افیم پلائی جا رہی ہے جو اس پیارے ہندوستان کے لئے خطرناک ہے اور اس سے زیادہ خطرناک ہے سرکاروں کا خاموش رہنا ۔ اگر خاموشی نہیں ٹوٹی تو یہ متعصب بھیڑ ہندوستان کا قتل کر دے گی۔
حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے کہا کہ ملک کے امن کی حفاظت کے لئے کی جا رہی ہر چھوٹی بڑی کوشش کا ہم استقبال کرتے ہیں اور ساتھ دینے کے لئے تیار ہیں۔ آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ ملک میں امن و امان کے لئے اپنی ہر ممکن کوشش کر رہا ہے۔

حضرت نے اس پاگل بھیڑ کو کنٹرول کرنے کا حل بتاتے ہوئے کہا کہ اگر سرکار نوجوانوں کو روزگار فراہم کرتی ہے تو یہ قتل و غارت کا خونی کھیل خود بخود ختم ہو جائے گا۔

ظلم کے خلاف خاموش رہے تو ملک کا نقصان: سید محمد اشرف

آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے صدر و بانی حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے جھارکھنڈ میں ایک خاص مذہب کے ماننے والوں کو کچھ تعصب پسندوں کے ذریعہ لگاتار نشانہ بنائے جانے پر کہا ہے کہ اب سبھی امن پسند ہندوستانیوں کو متحد ہو کر نفرت کے خلاف آواز اٹھانی ہوگی نہیں تو ہمارا ملک خطرے میں ہے ۔
حضرت نے کہا کہ جس طرح ٹرین میں ایک نوجوان کو بے رحمی سے قتل کیا گیا اور بھیڑ تماشائی بنی رہی،ایک بھی آواز ظلم کے خلاف نہیں اٹھی یہ خطرناک ہے، اس سے نفرت کو مزید ہوا ملتی ہے جب ظلم کے خلاف سب خاموش رہتے ہیں ۔
حضرت نے مزید کہا کہ حکومت کی ذمہ داری ہے کہ سماج کو تقسیم ہونے سے روکے، گنگا جمنی تہذیب اگر ختم ہو تی ہے تو نقصان کسی خاص مذہب کے ماننے والوں کا نہیں بلکہ ہندوستان کا نقصان ہے جس کی بھر پائی تقریبا نا ممکن ہوگی ۔
حضرت کچھوچھوی نے کہا کہ سماج میں جس طرح زہر گھولا جا رہا ہے، اس سے جہاں دہشت گردی اور نکسل وادی کو بل ملتا ہے تو وہیں ظلم کے خلاف ہماری لڑائی کمزور بھی ہوتی ہے لہذا ضروری ہیکہ لوگوں میں بھائی چارگی کو مزید تقویت بخشنے کے لئے قانون اور حکومت بھی کوشش کرے۔
ہندوستان ہم سب کا ہے، یہ زمین ہم سب کی ہے، اس کی حفاظت کی ذمہ داری ہم سب کی ہے۔ ہم کسی بھی صورت میں ملک کو بکھرنے نہیں دے سکتے ۔
حضرت نے کہا کہ جس طرح کے حالات بنے ہوئے ہیں، دلت بنام اگڑا کی لڑائی چل رہی ہے، مسلم، سکھ اور عیسائی تعصب پسندوں کے نشانے پر ہیں، ہندوتوا کے نام پر گھناؤنا کھیل کھیلنے والے ہندوتوا کو بھی نہیں سمجھتے، واسودیو کٹمبکم کی ذمین کو رن استھلی بنانے پر تلے کچھ بے روزگار بہکے ہوئے نوجوان ان بدمعاشوں کے بہکاوے میں ہیں جو غیر ملکی سازش کے تحت ملک توڑنے کا کام کر رہے ہیں ۔
حضرت نے تمام محبت پسندوں سے ظلم کے خلاف متحد ہو نے کی اپیل کی اور ساتھ یہ بھی کہا کہ اگر اس وقت خاموش رہے اور نفرت کے خلاف محبت کے گلاب لے کر نہیں نکلے تو بربادی کے ذمہ دار ہم سب ہوں گے ۔

امن خراب کرنے والے ہیں ملک کے غدار۔سید اشرف

جونپور(پریس ریلیز)آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ کے بانی وصدر حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے جونپور میں سیمینا ر ’’تصوف اور انسانیت ‘‘سے خطاب کرتے ہوئے کہا کہ جس طرح فضاؤں میں زہر گھولا جا رہا ہے وہ انسانیت کو تباہ کردیگا ،اس سے بچنے کا ایک ہی طریقہ ہے کہ محبت کو عام کیا جائے لوگ صبر کا دامن تھامے رہیں۔حضرت نے کہا کہ جس طرح متشدد بھیڑ لوگوں کو مار رہی ہے یہ ملک کے امن و سلامتی کے لئے بہت خطرناک بات ہے،اگر اب بھی امن پسند لوگ ہاتھ پر ہاتھ دھرے بیٹھے رہے تو ملک کو مزید خطرہ کی طرف بڑھ رہاہے۔انہوں نے کہا کہ لوگ سماج کو توڑنے کی کوشش کر رہے ہیں وہ دیش کے دشمن ہیں وہ کسی حال میں دیش بھکت نہیں ہو سکتے۔حضرت کچھوچھوی نے کہا کہ تشدد کسی بھی چیز کا حل نہیں ہے اگر امن ختم ہو تا ہے تو تو ترقی رک جاتی ہے ،وہ لوگ جو امن کے دشمن ہیں وہ ملککی ترقی کے بھی دشمن ہیں ،لہذاحکومت کو ان پر سختی کرنا چاہئے۔اگر اس بھیڑ کو نہیں روکا گیا تو نقصان ہونا طے ہے۔انہوں نے لوگوں سے صوفیا کرام کے طریقے پر چلنے کی بات کہی جہاں ’محبت سب کے لئے نفرت کسی سے نہیں‘کا پیغام ہے۔حضرت نے کہا کہ انسانوں کا قتل کرنے والے ملک کے غدار ہیں اور سبھی امن پسند ہندوستانیوں کی ذ مہ داری ہے ملک میں امن قائم رکھنے کے لئیانہیں روکیں۔آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ کوششیں کر رہاہے آپ اس مہم سے جڑیے اور ملک کے امن امان اور ترقی کے لئے اپنا کردارادا کیجئے۔ہندوستان ہم سب کا برابر ہے اور اس کے ہر دشمن سے حفاظت ہم سب کی ذمہ داری ہے۔اس موقعے پر بڑی تعداد میں لوگ موجود رہے ۔سیمینار کے آخر میں صلاۃ و سلام کے بعد ملک میں امن و امان کے لئے دعا کی گئی۔

जुनैद जैसी घटनाएं देश में सदियों से स्थापित धार्मिक भाईचारे को चोट पहुंचा रही हैं। हज़रत सय्यद मोहममद अशरफ किछौछवी

देश में धार्मिक जुनून बहुत ज्यादा बढ़ गया है और अल्पसंख्यकों को बुरी तरह परेशान किया जा रहा है।

देश भर में साम्प्रदायिक और विशेषकर मुसलमानों के खिलाफ बढ़ती हुई घातक हिंसा की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रहीं हैं. और ये सभी घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती है कि देश एक खतरनाक दिशा की ओर अग्रसर है। देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक के लिए जीना दूभर किया जा रहा है। अब तो बात बात पर हमले किए जाते हैं और यहां तक कि हत्या कर दी जाती है।

मोहम्मद अखलाक का ग़म क्या कम था कि पहलू खान का मातम मनाना पड़ा। उनका शोक जारी ही था कि झारखंड में बच्चा चोरी के आरोप में नईम, सिराज और संजू को मौत की नींद सुला दिया गया। खून से लथपथ हाथ जोड़े हुए एक मुस्लिम युवक की तस्वीर अभी ज़हन से महव नहीं हुई थी कि राजस्थान के जफर हुसैन को धार्मिक जुनून की भेंट चढ़ा दिया गया।

अभी इस घटना की गूंज थमी भी नहीं थी कि जुनैद की बल्लभगढ़ में भीड़ ने पीटकर और चाकू मारकर हत्या कर दी. इसके अलावा भी ऐसी न जाने कितनी छोटे बड़ी घटनाएं घटित हो रहीं हैं जो सदियों से स्थापित धार्मिक भाईचारे की ईंट से ईंट बजा रहीं हैं। लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए न तो कोई कोशिश की जाती है और न ही अपराधियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती है। बल्कि इसके विपरीत उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है और परोक्ष रूप से उनकी सराहना भी होती है।

दूसरी तरफ सर्कार इस बात का ढिंढोरा पीट रही है कि पिछले तीन वर्षों में देश ने जबरदस्त प्रगति की है और सरकार ने ऐसे कार्य अंजाम दिए हैं जो 70 वर्षों में भी नहीं हुए थे। समझ में नहीं आता कि वह कौन सा कारनामा है जो क्रेडिट लेने के लिए मंत्रियों में होड़ लगी हुई है। बस यही एक उपलब्धि नज़र आती है कि देश में धार्मिक जुनून बहुत ज्यादा बढ़ गया है और अल्पसंख्यकों को बुरी तरह परेशान किया जा रहा है।